FILM MODI / चुनाव आयोग नें विवेक ओबेरॉय कि फिल्म मोदी पर लगाया रोक

Category: एंटरटेनमेंट Written by वेदांत झा Hits: 732

The अख़बार: FILM MODI/ चुनाव आयोग नें विवेक ओबेरॉय कि फिल्म मोदी पर लगाया रोक

 चुनाव आयोग ने विवेक ओबरॉय अभिनीत फिल्म पी.एम. नरेंद्र मोदी की रिलीज़ पर लोकसभा चुनाव के ख़त्म हो जाने तक रोक लगा दी है. यह भी 11 अप्रैल को रिलीज़ की जानी थी.  सुप्रीम कोर्ट ने कल ही एक याचिका की सुनवाई के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी अर्जी को रद्द कर दिया था ।

फिल्म

कांग्रेस की याचिका को खारिज करते हुए सर्वोच्च अदालत ने कहा कि फिल्म की वजह से आचार संहिता का उल्लंघन हो रहा है या नहीं ये देखना चुनाव आयोग का काम है। याचिकाकर्ता की तरफ से आरोप लगाया गया था कि चुनाव से पहले फिल्म को रिलीज करने से निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव पर असर पड़ सकता है।

चुनाव आयोग ने कहा है कि जो भी बायोपिक किसी भी राजनीतिक दल या किसी व्यक्तिगत फायदे को सहयोग देता हो उसे इलेक्ट्रोनिक मीडिया पर नहीं दिखाया जा सकता.

आयोग के पोल पैनल ने कहा कि हालांकि इस फिल्म को लेकर दावा किया गया है कि ये क्रिएटिव कंटेंट का हिस्सा है लेकिन इसकी प्रबल संभावना है कि इसका झुकाव उस तरफ़ रहेगा जो आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों से मेल नहीं खाती, और इस कारण लोकसभा के चुनाव के ख़त्म होने तक इस फिल्म को किसी सिनेमाघर या इलेक्ट्रानिक मीडिया पर नहीं दिखाया जा सकता.  बायोपिक एक तरह का सरोगेट पब्लिसिटी (कृत्रिम या स्थानापन्न प्रचार) है.

चुनाव आयोग ने ये निर्णय सिर्फ पीएम नरेंद्र मोदी फिल्म के संज्ञान में ही नहीं लिया है बल्कि उसे अन्य फिल्मों को लेकर भी इसी तरह के शिकायत मिली थीं, जो चुनाव के दौरान किसी व्यक्ति की छवि को प्रदर्शित करती हैं, और इसे आदर्श आचार सहिंता प्रभावित होने का खतरा हो,  इसमें तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव यानि के.सी.आर. की बायोपिक उद्यामा सिम्हम और आंध्र प्रदेश के दिग्गज नेता एन.टी. रामा राव और उनकी दूसरी पत्नी लक्ष्मी पार्वती के जीवन पर बनी एन.टी.आर. लक्ष्मी शामिल हैं.

इस फिल्म को पहले 12 अप्रैल को रिलीज़ किया जाना था.  फिर पांच अप्रैल की रिलीज़ डेट आई और फिर 11 अप्रैल फाइनल की गई.  कल से ही लोकसभा चुनाव के लिए पहला चरण शुरू होना है.  सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता अमन पंवार की याचिका पर सुनवाई में कहा था कि “अगर यह फिल्म चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है,  तो यह देखना चुनाव आयोग का काम है। यदि फिल्म के कंटेट को लेकर कोई आपत्ति है, तो यह देखना सेंसर बोर्ड का काम है। सुप्रीम कोर्ट फिल्म की रिलीज पर रोक नहीं लगा सकता है।“ 

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