गड़दा पंचायत के ग्रामीण ऑफिसों के चक्कर काटने मजबूर

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गड़दा पंचायत के ग्रामीण ऑफिसों के चक्कर काटने मजबूर

जगदलपुर: जनपद पंचायत लोहंडीगुड़ा के अंतर्गत आने वाला ग्राम पंचायत गड़दा पंचायत आजकल सुर्खियों में है। सुर्खियों में होने का मतलब यह नहीं है कि उस पंचायत में बहुत बड़ी उपलब्धि हो रही है, बल्कि ग्राम पंचायत के सचिव एवं सहायक सचिव द्वारा लोगों को बहुत अधिक ठगा जा रहा है।


गड़दा पंचायत में ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं के बारे में कभी भी सह सही जानकारी नहीं दी जाती बल्कि सचिव एवं सहायक सचिव द्वारा लोगों के जानकारी में लाए बगैर ही बहुत से काम निपटाए जा रहे हैं। इस पंचायत में शासकीय योजना के अंतर्गत शौचालय निर्माण, इंदिरा आवास, वृद्धावस्था पेंशन एवं मजदूरी में काफी विसंगतियां देखने को मिल रही है।

गड़दा पंचायत के ग्रामीण ऑफिसों के चक्कर काटने मजबूर

गांव वालों को अंधेरे में रखकर पूरे कार्य किए जा रहे हैं, इस समाचार के माध्यम से यह बताना भी लाजमी होगा कि यहां की सरपंच महोदया जमुना ने बताया कि उनकी सहमति या उनके हस्ताक्षर के बिना भी कई कार्य किए गए हैं और उन्होंने यह भी बताया कि कई कार्यों में मेरे जाली दस्तखत भी किए जा चुके हैं जिसकी जानकारी मैंने पुलिस थाना लोहंडीगुड़ा में आवेदन देकर दी है सरपंच महोदया का यह भी आरोप है कि सचिव एवं रोजगार सचिव द्वारा लगभग अधिकांश कार्य मेरी जानकारी के बिना ही कराए जा रहे हैं जिसका मैंने उन लोगों से जिक्र भी किया तो उन लोगों ने कहा -

"तुमको यह सब से मतलब नहीं रखना है क्योंकि यह काम टेक्निकल है जोकि तुम्हारे समझ से परे है, हम जो भी कर रहे हैं अच्छे के लिए कर रहे हैं तुम तो शांत बैठे रहो और जो कर रहे हैं उसमें सिर्फ तुम सहयोग करो।"

इन तमाम बातों से क्षुब्ध होकर मैंने अपने साथी उपसरपंच एवं पंच गणों से उक्त विषयों पर चर्चा की एवं मैंने अपना दुखड़ा सुनाया और कहा कि सचिव और सहायक सचिव अपनी मनमानी कर रहे हैं जिसका भुगतान भविष्य में मुझे ही भुगतना पड़ेगा इसलिए मेरा आप लोगों से अनुरोध है कि मुझको इस विषम परिस्थिति में सही मार्गदर्शन देने का कष्ट करें जिस पर गांव वालों ने सामने आकर सरपंच महोदय के लिए एवं गांव के विकास के लिए एक बैठक आहूत की जिसमें सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया की इन दोनों धूर्त एवं लोभी सचिव एवं सहायक सचिव को सबक सिखाना ही होगा इसके लिए हम ग्रामीणों को एवं सरपंच उपसरपंच एवं पंच गण मिलकर ग्रामीणों के साथ आवेदन बनाकर उच्चाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को पूरे विषय की जानकारी दी जाए एवं इन दोनों सचिव एवं सहायक सचिव को दंडित किया जाए सभी ग्रामीणों ने यह भी कहा कि इनका तबादला नहीं बल्कि इन्हें पदच्युत किया जाए यही इनकी सही सजा होगी एवं सरकारी संपत्ति का जो भी ढाल मेल हुआ है उस पर रिकवरी होना चाहिए क्योंकि यदि इन्हें पुनः माफ कर दिया गया तो यह लोग दूसरे पंचायतों में भी जाकर इसी तरह की अनियमितता करेंगे जोकि हमारे देश के लिए भी एक शर्म की बात होगी देश इसलिए कह रहा हूं पंचायत का सपना हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का था जिन्होंने कहा था पंचायत एक ऐसा माध्यम होगा जोकि ग्राम जनता के लिए एक सशक्त और सुधीर शक्ति होगी जिसका पूरा-पूरा फायदा ग्रामवासी ग्राम के हित में एवं क्षेत्र के विकास में कर सकते हैं।

 


उक्त संदर्भ में शासन प्रशासन या जनप्रतिनिधि क्या कार्यवाही करते हैं यह आने वाला समय ही बताएगा।

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