मनाया गया बस्तर के प्रखर कवि लाला जगदलपुरी जी का जन्मदिन

Category: बस्तर Written by विमलेन्दु झा Hits: 273

The अख़बार: मनाया गया बस्तर के प्रखर कवि लाला जगदलपुरी जी का जन्मदिन

The अख़बार: मनाया गया बस्तर के प्रखर कवि लाला जगदलपुरी जी का जन्मदिन

बस्तर और देश के गौरव प्रखर कवि, इतिहासकार और चिंतक लाला जगदलपुरी जी के जन्मदिन के अवसर पर 17 दिसंबर 2019 को उनका पुण्य स्मरण प्रगतिशील लेखक संघ, जगदलपुर ने किया। आकृति के सभागार में सुविख्यात चित्रकार बंशीलाल विश्वकर्मा की अध्यक्षता में आयोजित संगोष्ठी का आरम्भ करते हुए प्र ले सं जगदलपुर के अध्यक्ष जगदीश चंद्र दास ने कहा -

"लालाजी बस्तर के जनजीवन, इतिहास और लोक संस्कृति के पर्याय हैं. उनके बाद बस्तर के इतिहास और संस्कृति पर  लेखन दोहराव सा ही है." 

 सुनील श्रीवास्तव ने लाला जी  के रचना संसार की व्यापकता का उल्लेख किया. वहीँ हिमांशु शेखर झा ने कहा कि -

"वैचारिक प्रतिबद्धता की कमी के बावजूद लालाजी आम आदमी, ग्रामीणों, आदिवासियों के पक्ष में हमेशा खड़े नज़र आते हैं."

विमल तिवारी ने भी लाला जी के रचना संसार का विस्तृत उल्लेख किया. प्रख्यात कार्टूनिस्ट सुरेश विश्वकर्मा ने लालाजी का आत्मीय स्मरण किया और कहा कि 'चितेरा' उपनाम उन्हें लाला जी ने ही दिया. मदन आचार्य ने लालाजी की दो कविताओं का पाठ किया और उनकी रचनाओं में निहित सादगी का उल्लेख किया और कहा कि लालाजी को सौंदर्य शास्त्र से चिढ़ सी थी. प्रकाश जोशी ने लाला जी की रचनाओं में उपस्थित जनवादी तत्वों पर चर्चा की.

प्रोफेसर अली एम. सैय्यद ने कहा कि

"एक बारगी ऐसा लगता है जैसे.... जो दिखा, वही लिखा की तर्ज़ पर लाला जी का रचना संसार है पर अगर गहराई से पड़ताल की जाये तो उनका रचना संसार तमाम कलात्मक मानदंडों पर खरा उतरता है और जनपक्षधरता की ओर यात्रा करता नज़र आता है."

कार्यक्रम के अध्यक्ष बंशीलाल विश्वकर्मा ने लाला जी के साथ अपनी आत्मीय मित्रता का ज़िक्र किया. कार्यक्रम में शरद चंद्र गौड़, कविता गौड़, हरीश साहू, मो. जावेद खान और मीनकेतन भी उपस्थित थे. संचालन जगदीश चंद्र दास ने किया.

लाला जगदलपुरी जी
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