पॉलिथीन हटाओ अभियान के लिए जागरूक बच्चो नें जगाया लोगों को

Category: वायरल Written by वेदांत झा Hits: 568

पॉलिथीन अभिशाप के रूप में बदल चूका है, एक क़स्बा ऐसा भी है जहां बच्चे लोगों को जागरूक कर रहें हैं

संवाददाता दरौंदा. पॉलिथीन का बढ़ता हुआ उपयोग न केवल वर्तमान के लिये बल्कि भविष्य के लिये भी खतरनाक होता जा रहा है, इस समस्या को देखते हुए बिहार के दरौंदा प्रखंड के बगौरा गांव में दुकानदारों ने पॉलिथीन में सामान देने का काम बंद कर दिया है,

पॉलिथीन

पॉलीथीन न उपयोग करने के लिए नारेबाजी करते लोग

ग्रामीण इलाकों में पॉलीथिन को बंद करने का आदेश मई-जून मे है. इसी आदेश का पालन करते हुए बगौरा गांव के पुरानी बाजार के बच्चें सहित दुकानदारों ने लोगों को पॉलीथिन उपयोग न करने और कपड़े की थैला प्रयोग करने के लिए नारे लगाए गए. पोस्टरों और बैनरों के माध्यम से जागरुक किया गया. 'नो यूज पॉलिथीन बी हेल्दी' और 'पॉलीथिन हटाओ देश बचाओ' के नारें लगाए गए. इसी को देखते हुए गांव के सभी दुकानदारों ने ग्राहकों को पॉलीथिन न उपयोग करने को प्रेरित कर रहे हैं, साथ ही बगौरा में, प्रदीप कुमार गुप्ता, प्रिन्स कुमार, प्रियांशु कुमार, प्रशांत कुमार, बिनय कुमार, जयप्रकाश कुमार, निखिल गुप्ता, अभिषेक कुमार, भरत प्रसाद, अभिनन्दन कुमार  अभियान में शामिल हैं।

पॉलिथीन

आइये जानतें हैं आखिर पॉलिथीन का उपयोग किस दिशा में किया जा सकता है

हिमाचल प्रदेश का ही उदाहरण हमारे सामने है, जहाँ केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की मदद से पन्नियों को चक्रित करके सड़क निर्माण में उपयोग में लाया जा रहा है. जर्मनी में प्लास्टिक के कचरे से बिजली का निर्माण भी किया जा रहा है. इसके अलावा पन्नियों को चक्रित करके खाद भी बनाई जा सकती है. इसलिये यदि सरकारें इस दिशा में गम्भीर हों, तो नुकसानदायक प्लास्टिक के कचरे से लाभ भी कमाया जा सकता है. ऐसे प्रयोग को व्यापक बनाया जा सकता है.

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 कपडे की थैली का उपयोग करते व्यवसायी प्रिंस कुमार

पॉलिथीन से हम सब पर दुष्प्रभाव

 Video / ब्लैक होल क्या है? आइये जाने इस विडियो में

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