रायपुर - राष्ट्रीय अग्निशिखा मंच और आचार्य सरयूकांत झा स्मृति संस्थान नें कवि सम्मलेन का आयोजन किया

Category: रायपुर Written by वेदांत झा Hits: 501

रायपुर : राष्ट्रीय अग्निशिखा मंच और आचार्य सरयूकांत झा स्मृति संस्थान नें रायपुर के वृन्दावन हॉल में कविता पथ का आयोजन किया. इसमें सभी नें सावन महोत्सव और कजरी गीत आयोजन का लुत्फ़ उठाया. इस कार्यक्रम की अध्यक्षता भावना ठाकुर, मुख्य अतिथि डॉ. सुमन मिश्र, विशिष्ट अतिथि दिव्या झा, अनीता झा तथा नीता झा थी. कार्यक्रम में मुख्य काव्य अतिथि कवि संजीव ठाकुर थे.

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कविता पाठ में रजनी शुक्ल नें ‘सावन आओ जग में छाओ, धरती माँ की प्यास बुझाओ’, पुष्पलता बेनर्जी नें ‘कैसे खेलन जाइबो सावन में कजरिया, फिर सावन घिर आई’ वहीँ कवि संजीव ठाकुर नें ‘अपनी ज़ुल्फों में सजा ले मुझे गजरे की तरह, झूम कर बरसूँगा सावन के बादलों की तरह’ ऐसे कविताओं का पाठन किया. वहीँ दीपिका झा नें भी गीत सुनाया. अभिनव झा, शुभा शुक्ल नें भी काव्यपाठ कर श्रोताओं का दिल जीता.

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इस कार्यक्रम में आयोजन समिति में नीता झा, पल्लवी झा, शुभ्रा झा, अनिता झा, दिव्या झा, शुभ्रा बनर्जी, संजीव ठाकुर, दीपिका झा, रजनी शुक्ला, पुष्पलताबनर्जी उपस्थित थे. साथ ही शिव कुमार झा, सविता झा,  राजश्री झा, श्रद्धा झा, सुमन झा, शरद झा, संतोषी, कृष्णा आदि उपस्थित थे.

कवियित्री नीता झा नें इस कविता का पाठ किया,

पेड़ों से झरती नन्ही बूंदें

मधुर लय संग जा समाईं

सूखी धरती की गोद में

मानो लाई सन्देसा मचल

कोमल कोमल टहनी का

उन्हें चाहिए जीवन रस

जो महक दे सारा उपवन

है हिदायत न रुकना तुम

किसी भी पत्ते के दामन में

सीधी जा लगना जड़ों से

जैसे मानव पांव पड़ते

 जीवनपथ पर ऊर्जा पाने

अपने सारे बड़े- बुजुर्गों के

वैसे ही तो पूरे वृक्ष को

अपनी पोषक जड़ों से ही

पुष्टिवर्धक रस मिलता है

जो मौसम के सारे फल,फूल

और बीजों की रचना करता है

मौलिक, स्वरचित रचना

नीता झा

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