बगौरा में सोमी अमावस्या के दिन वट वृक्ष का पूजन

Category: लाइफस्टाइल Written by वेदांत झा Hits: 699

दरौंदा: प्रखंड में सोमी  अमावस्या के दिन सोमवार को परंपरागत रूप से वट सावित्री व्रत आस्था व श्रद्धा के साथ मनाया गया. महिलाएं व्रत रहकर वट वृक्ष की पूजा कर पति की लंबी उम्र व सुख-समृद्धि की कामना कीं. दरौंदा प्रखंड के बगौरा में वट वृक्षों के नीचे सुबह से लेकर दोपहर बाद तक पूजन-अर्चन का कार्यक्रम चलता रहा और मंगलगीत गूंजते रहे.

फ़ोटो: वट वृक्ष की पूजा करती महिला

सुबह नहा-धोकर महिलाओं ने व्रत का संकल्प लिया और विविध प्रकार के पकवान बनाए. इसके बाद अपने आसपास के वट वृक्षों के नीचे जाकर पूजा-अर्चना कीं, वहां ब्रह्मा-सावित्री व सावित्री-सत्यवान का प्रतीक बनाकर उसकी विधि-विधान से पूजा कीं. पूजन में समस्त सुहाग सामग्रियां शामिल थीं. वट वृक्ष की जड़ को जल से सींचा. पूजा-अर्चना के बाद महिलाओं ने वट वृक्ष की परिक्रमा की.

इस दौरान वे सूत से वट वृक्ष के तने को लपेटती जा रही थीं. कुछ महिलाओं ने तने में 108 बार तो कुछ ने सिर्फ सात बार सूत लपेटते हुए परिक्रमा कीं. इस दौरान मंगलगीत गूंजते रहे. पूजन के बाद वट वृक्ष को चढ़ाई गई सौभाग्य सामग्रियों को पुरोहित को दान दिया व पुराणों के अनुसार यह व्रत सावित्री द्वारा अपने पति को पुन: जीवित करा लेने की स्मृति में रखा जाता है. फूलवंती देवी ने का कहना है कि वट वृक्ष की पूजा अखंड सौभाग्य (पति की दीर्घायु) व अक्षय उन्नति के लिए की जाती है.

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